Skip to main content

!! दीर्घकालिक षड्यंत्र !!

कौओं की आँखों से बचके
उसने अपना नीड़ बनाया
चूजों के स्वागत के लिए।

रखी जाने लगी नज़र
चिड़िया दो दो उनके बच्चे
चुन लिए गए दावत के लिए।

बेबस गाँव हताशे पाँव
परीक्षा शुल्क के लिए
चुन लिए गए आमद के लिए।

लीक हुई उत्तर पुस्तिका
दीर्घकालिक षड्यंत्र
कवि के अदावत के लिए
कमर कस ली गई बग़ावत के लिए।

-©अरुण तिवारी